रिपोर्टर सुमन खूंटे 9981543471 
जांजगीर चांपा पुलिस ब्रेकिंग न्यूज़ दिनांक 01.06.26
जिला पुलिस को मिली नई ऊर्जा : 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक एवं 02 सूबेदार पहुंचे जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षुओं का बैठक लिया जाकर, बेसिक पुलिस के कार्य प्रणाली के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं फरियादी, आवेदकों को शालीनता से व्यवहार करने दिए निर्देश
* *प्रशिक्षुओ उपनिरीक्षक को कानून -व्यवस्था ड्यूटी के साथ साथ, प्रधान आरक्षक मोहरीर कार्य, प्रधान आरक्षक गस्ती, रात्रि गश्त एवं पेट्रोलिंग ड्यूटी, CCTNS कार्य, मुलजिम पेशी, थाना कार्यों के सम्बन्ध में बारीकियां दिखलाई दिया जाएगा*
*प्रशिक्षु उपनिरीक्षक एवं प्रशिक्षु सूबेदारो* द्वारा राज्य पुलिस अकादमी रायपुर से बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के पश्चात पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा जिले को 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक एवं 02 प्रशिक्षु सूबेदार 10 माह के लिए जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु पदस्थ किए गए हैं।प्रशिक्षुओं के पदस्थापना से जिला पुलिस बल को नई ऊर्जा एवं कार्यक्षमता प्राप्त होगी।
*पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS)* ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की बैठक लेकर जिला पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून -व्यवस्था संधारण एवं पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं से उन्हें अवगत कराया। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों को न्याय दिलाना एवं उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करना है।
*पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षुओं* को अपराध विवेचना, मर्ग जांच, शिकायत एवं आवेदन जांच की प्रक्रिया को गंभीरता एवं निष्पक्षता से संपादित करने के निर्देश दिए। साथ ही फरियादियों एवं आवेदकों के साथ सौहार्दपूर्ण, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
*पुलिस अधीक्षक* ने सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में पदस्थ किया गया है, जहां अपराध विवेचना, मर्ग जांच, शिकायत जांच एवं कानून- व्यवस्था ड्यूटी के साथ-साथ थाना स्तर के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षुओं को प्रधान आरक्षक मोहरीर कार्य, प्रधान आरक्षक गस्ती, रात्रि गश्त एवं पेट्रोलिंग, सीसीटीएनएस संचालन, संत्री ड्यूटी, मददगार कार्य, मुलजिम पेशी, न्यायालयीन कार्यवाही तथा बीट आरक्षक के दायित्वों की व्यावहारिक जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी पुलिस कर्मियों द्वारा प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें पुलिस व्यवस्था के प्रत्येक पहलू से अवगत कराते हुए एक दक्ष, अनुशासित एवं जनोन्मुखी पुलिस अधिकारी के रूप में तैयार किया जाएगा।
*जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण* के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को कानून-व्यवस्था ड्यूटी, जनसंपर्क, अपराध नियंत्रण एवं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली का भी प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। इससे वे भविष्य में एक सक्षम, संवेदनशील एवं दक्ष पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे।
जिले में प्रशिक्षु अधिकारियों की सहभागिता से पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनेगी तथा आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।








