चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059
वासुदेव एक्का को संस्कृत में पीएचडी (विद्यावारिधि) की उपाधि मिली
ग्राम – मोरगा (कोरबा) निवासी वासुदेव एक्का जो वर्तमान में शासकीय वेदराम महाविद्यालय मालखरौदा, जिला- सक्ती (छत्तीसगढ़ ) में सहायक प्राध्यापक (संस्कृत) के पद पर पदस्थ हैं । वासुदेव एक्का ने संस्कृत विषय में पीएचडी (विद्यावारिधि) की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और महाविद्यालय का नाम रोशन किया है । जिसका शोध शीर्षक ” महाकविहर्षवर्धनस्य रूपकेषु लोकतत्त्वानामनुशीलनम् ” रहा । यह उपलब्धि वर्षों की कठोर परिश्रम, सतत अध्ययन , अनुशासन और अडिग संकल्प का प्रतिफल है । संस्कृत जैसे प्राचीन , गूढ़ और बौद्धिक भाषा में शोध कर पीएचडी की उपाधि अर्जित करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि मानी जाती है । सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा और परिश्रम के आगे परिस्थितियां बाधा नहीं बन सकती । अपने शोध कार्य के माध्यम से वासुदेव एक्का ने भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक और लौकिक संस्कृत की समृद्ध विरासत को आधुनिक जीवन में सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है । उनका शोध न केवल शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को संस्कृत भाषा , भारतीय दर्शन और संस्कृत साहित्य के लोकतत्वों को वर्तमान जीवन से जोड़ने का कार्य करेगा । इस उपलब्धि के बाद आज गृहग्राम – मोरगा और पदस्थ स्थान मालखरौदा सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का वातावरण है । ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों एवं शुभचिन्तकों ने वासुदेव एक्का को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है । इस शोध कार्य की सफलता में शासकीय दू.श्री वै. स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय रायपुर के डॉ. बहुरन सिंह पटेल, विभागाध्यक्ष – व्याकरण ने शोध निर्देशक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान किये । सफलता का श्रेय उनके माता-पिता, पत्नी,भाई-बहन, पुत्र-पुत्री , प्राध्यापकगण और गुरुजनों के सकारात्मक सहयोग से ही मिला ।








