उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रिपोर्टर सुमन खूंटे 9981543471

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रायपुर, 24 जून 2026/ उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी आशियाना बनाने की ओर बढ़ रही है।

संरक्षण प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक परिणाम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघिन की उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। वन विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

बेहतर आवास का मिला प्रमाण लंबे समय से बाघों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे उदंती-सीतानदी के लिए यह घटनाक्रम बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ या बाघिन का किसी वन क्षेत्र को स्थायी निवास चुनना वहां के बेहतर आवास, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित वातावरण का प्रमाण होता है। बाघिन की नियमित उपस्थिति पूरे परिदृश्य के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।

बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा वन अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में बाघिन स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। उसकी गतिविधियों से स्पष्ट है कि वह क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह क्षेत्र फिर से बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा।

संरक्षण प्रयासों का मिला परिणाम पिछले कुछ वर्षों में उदंती-सीतानदी में आवास सुधार और वन्यजीव संरक्षण के लिए व्यापक कार्य हुए हैं। सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूती, सैकड़ों कृत्रिम जलस्रोत-झिरियों का निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों का पुनर्स्थापन, अतिक्रमण हटाकर वनभूमि की वापसी और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने जैसे कदम उठाए गए हैं। बाघिन की मौजूदगी को इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।

निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी कैमरा ट्रैप की तस्वीरों-वीडियो ने वन अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में नई ऊर्जा भर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन के स्थायी बसने से यह रिजर्व मध्य भारत के प्रमुख बाघ आवासों में फिर अपनी पहचान बना सकता है और भविष्य में अन्य बाघों के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा।

बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने प्रयास वन विभाग ने बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व संरक्षण गतिविधियां और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि यह सिर्फ एक बाघिन की मौजूदगी नहीं, बल्कि प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जंगलों के पुनर्जीवन की कहानी है।

7k network
Recent Posts

चांपा पुलिस का नशे पर बड़ा प्रहार – 95 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब के साथ 2 महिला समेत 3 तस्कर गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम सिवनी में अवैध शराब के मामले में छापेमार कार्यवाही

चखना दुकान के बाहर खड़ी 6 लाख की ब्रेजा कार चोरी, महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने में मिली पुलिस को बड़ी सफलता CCTV फुटेज और साइबर ट्रैकिंग से मिला सुराग, हथनेवरा फोरलेन से दबोचा गया आरोपी

-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों पर शासन का सख्त प्रहार, बसनी में शासकीय भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन संकल्प के अनुरूप जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई