प्रधान मंत्री आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सक्ती जिले के परसदा खुर्द में रकम न देने पर हितग्राहियों को अपात्र करने और अपनों को लाभ पहुँचाने पर कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग

==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==

प्रधान मंत्री आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सक्ती जिले के परसदा खुर्द में रकम न देने पर हितग्राहियों को अपात्र करने और अपनों को लाभ पहुँचाने पर कलेक्टर से सख्त कार्रवाई की मांग

​प्रमुख बिंदु ​रकम वसूली और अपात्रता: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत जियो टैगिंग और फॉर्म अपलोड करने के नाम पर हितग्राहियों से अवैध वसूली (रकम) की गई। पैसे न देने वाले 103 पात्र हितग्राहियों को सूची से बाहर कर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया ​ग्राम सभा में धोखाधड़ी: दिनांक 24 जून 2026 की ग्राम सभा बैठक में सभी 333 हितग्राहियों के नाम सही बताने का झांसा देकर अंधेरे में रखा गया, जबकि बाद में मनमाने ढंग से अपात्रों की सूची जनपद पंचायत में जमा कर दी गई। ​रिश्तेदारों को फायदा: सरपंच (फुलेश्वरी पटेल) द्वारा अपने पिता, चाचा और भाइयों के नाम पात्र सूची में जोड़े गए हैं। इसी प्रकार उपसरपंच (नागेश महंत) और जनपद सदस्य (सत्यप्रकाश महंत) ने भी अपने रिश्तेदारों और मित्रों के नाम सूची में शामिल किए हैं।
​मनरेगा मजदूरी का गबन: रोजगार सहायक (धरमदास महंत) पर आवास प्लस के हितग्राहियों की मनरेगा मजदूरी में अपनी पत्नी, बेटों और अन्य चहेतों के फर्जी नाम डालकर शासकीय राशि गबन करने का गंभीर आरोप है
​समाचार विस्तार से
जिला सक्ती के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत परसदा खुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 और मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। समस्त ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए सरपंच, सरपंच पति, रोजगार सहायक, उपसरपंच और जनपद सदस्य के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है ​रकम न देने पर पात्रों को किया अपात्र ​ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास 2.0 के तहत फॉर्म अपलोड करने और जियो टैगिंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। जिन गरीब हितग्राहियों ने यह रकम देने से इनकार कर दिया, उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
​24 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में ग्रामवासियों को यह भरोसा दिलाया गया था कि सभी 333 हितग्राहियों के नाम सूची में सुरक्षित हैं, लेकिन बाद में राजनीतिक द्वेष के चलते बिना किसी चर्चा के मनमाने तरीके से 103 पात्र हितग्राहियों को अपात्र घोषित कर सूची जनपद पंचायत भेज दी गई।
​पंच-सरपंच और अधिकारियों पर अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने का आरोप
​शिकायत पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती फुलेश्वरी पटेल, उनके पति रूपेश पटेल (जो लगातार पंचायत के कार्यों में अवैध दखल देते हैं), उपसरपंच नागेश महंत और जनपद सदस्य सत्यप्रकाश महंत ने मिलीभगत कर अपने पिता, चाचा, भाइयों, रिश्तेदारों और मित्रों के नाम पात्र सूची में दर्ज करवा लिए हैं, जबकि हकदार और जरूरतमंद ग्रामीण दर-दर भटकने को मजबूर हैं ​मनरेगा मजदूरी गबन का गंभीर आरोप ​ग्रामीणों ने रोजगार सहायक धरमदास महंत पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसने आवास प्लस के असली हितग्राहियों की मनरेगा मजदूरी की राशि को अपनी पत्नी (लक्ष्मी महंत), पुत्रों (मनीष महंत व मानस महंत) और अपने मेट (मोहनलाल पटेल) व उसकी पत्नी के फर्जी नामों पर डालकर बड़े पैमाने पर शासकीय राशि का गबन किया है।
​ग्रामवासियों की चेतावनी
​परसदा खुर्द के समस्त ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और योजना में भ्रष्टाचार करने वाले सरपंच, सरपंच पति, रोजगार सहायक, उपसरपंच एवं जनपद सदस्य के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए

7k network
Recent Posts

सक्ति जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमल पटेल ने अड़भार क्षेत्र का किया सघन औचक निरीक्षण शिक्षा स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लिया जायजा लापरवाह ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई के दिए निर्देश