थाना डभरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई पुटीडीह धान खरीदी गबन मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, ₹89 लाख से अधिक की धान की कमी उजागर

==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==

थाना डभरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई पुटीडीह धान खरीदी गबन मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, ₹89 लाख से अधिक की धान की कमी उजागर

​संक्षिप्त विवरण

​जिला सक्ति के थाना डभरा अंतर्गत पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में हुए गंभीर गबन और अनियमितताओं के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।

​प्रमुख बिंदु एवं घटनाक्रम

  • ​पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन: यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल (रा.पु.से.), तथा एसडीओपी चंद्रपुर/डभरा श्री सुमित गुप्ता (रा.पु.से.) के कुशल नेतृत्व में की गई।
  • ​दर्ज अपराध: थाना डभरा में इस मामले में अपराध क्रमांक 23/2026, धारा 316(5), 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
  • ​गिरफ्तारी का विवरण: पूर्व में इस प्रकरण में शशिकांत महंत और श्याम बाई बरेठ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। घटना दिनांक से फरार चल रहे आरोपी द्रोण प्रताप सिंह सांडिल्य (उम्र 48 वर्ष, निवासी- कापन चौकी नैला, थाना जांजगीर, जिला जांजगीर-चांपा) को 26 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।

​9426 बोरी धान की कमी और वित्तीय अनियमिता

​संयुक्त जांच दल द्वारा धान उपार्जन केंद्र पुटीडीह के ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन का मिलान किया गया, जिसमें निम्नलिखित खुलासे हुए:

  • ​धान की कमी: जांच के दौरान मौके पर 9426 नग धान से भरे बारदानों की भारी कमी पाई गई।
  • ​आर्थिक क्षति: कम पाए गए धान की कुल अनुमानित कीमत ₹89,32,077.60 आंकी गई है।
  • ​अनियमितताएं: जांच में सामने आया कि कई तौल पत्रकों पर किसानों के हस्ताक्षर नहीं थे, हस्ताक्षरों में भारी विसंगतियां थीं तथा ऑनलाइन पोर्टल और स्टॉक रजिस्टर के आंकड़ों में बड़ा अंतर था।

​आरोपी की भूमिका और पुलिस टीम का योगदान

​दस्तावेजों के परीक्षण और गवाहों के कथनों के आधार पर आरोपी द्रोण प्रताप सिंह सांडिल्य की संलिप्तता पुख्ता होने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में थाना प्रभारी डभरा निरीक्षक राजेश कुमार पटेल, उप निरीक्षक कमल मैरिसा, तथा आरक्षक धनेश्वर दिवाकर, मिरीश साहू, राम गोपाल यादव, राजेश धीरहे, एवं अजय बंजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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