सक्ति जिले के अड़भार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालनालय के आदेशों की खुली धज्जियां सीएमएचओ और बीएमओ की चुप्पी पर उठे सवाल

==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==

सक्ति जिले के अड़भार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालनालय के आदेशों की खुली धज्जियां सीएमएचओ और बीएमओ की चुप्पी पर उठे सवाल

अड़भार (सक्ति) छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बावजूद सक्ति जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अड़भार में नियमों को ताक पर रखने का मामला सामने आया है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के सख्त आदेशों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते अनधिकृत संलग्नीकरण (अटैचमेंट) का खेल धड़ल्ले से जारी है

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार मैं पदस्थ चार कर्मचारियों को आज पर्यंत तक अटैचमेंट करके रखा गया है जिसके चलते

आसपास और नगर के लोगों को और को असुविधा का सामना करनापड़ रहा है अटैचमेंट कर्मचारियों के नाम और पद इस प्रकार हैं

1. सुखचरण साहू फार्मासिस्ट ग्रेट 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार में पदस्य है और अटैचमेंट इसको सक्ति सीएमएचओ कार्यालय में रखा गया है

2. बजरंग लाल यादव सहायक ग्रेड 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार में पदस्य है और इनको मालखरौदा सीएचसी में अटैचमेंट कर रखा गया है

3. सावित्री यादव ड्रेसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार में पदस्य है इसको सीएचसी मालखरौदा में अटैचमेंट कर रखा गया है

4. संतराम भारद्वाज स्वीपर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार में पदस्थ है इनको घोघरी में अटैचमेंट करके रखा गया है जबकि इन चारों का वेतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार से बनता है

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि नगर पंचायत अड़‌भार दर्शनीय स्थल थाना तहसील है नगर पंचायत की जनसंख्या 18000 से लगभग ऊपर है इसके अलावा 21 से 25 गांव है जिसकी जनसंख्या लगभग 100000 से ज्यादा जनसंख्या है यहां पीएससी के बजाय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए जिसमें आम जनता को सुविधा हो सके और थाना में जब भी कोई एमएलसी करने के लिए जाते हैं तो उसे मालखरौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजना पड़ता है

जिसके कारण आम नागरियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है

 

क्या है पूरा मामला? विस्तार से जानते हैं विधानसभा आश्वासन (क्रमांक 371): फरवरी-मार्च 2026 सत्र के दौरान माननीय मंत्री महोदय (लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग) द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन के तहत यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि राज्य की स्वास्थ्य संस्थाओं में मूल पदस्थ संस्थाओं से अन्यत्र संलग्न सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का संलग्नीकरण 3 दिन के भीतर समाप्त किया जाए।

समय-सीमा की अनदेखी: इस संबंध में पूर्व में 12.03.2026 को भी निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर बैठे अधिकारियों की सुस्ती के कारण आज दिनांक तक वांछित अनुपालन रिपोर्ट उच्च कार्यालय को प्रेषित नहीं की जा सकी है।

प्रशासनिक गंभीरता: प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए संयुक्त संचालक, संभागीय संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), और सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे 3 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में प्रमाण सहित पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

स्थानीय प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल

सक्ति जिले के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अड़भार में संचालनालय के इन सख्त आदेशों का पालन कराने के बजाय स्थानीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) द्वारा बरती जा रही अनदेखी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर शासन स्तर के आदेशों को धता बताते हुए अब तक संलग्नीकरण समाप्त क्यों नहीं किया गया? क्या विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इन नियमों की अनदेखी की जा रही है?

प्रशासनिक चेतावनी: शासन के निर्देशों के प्रति ऐसी लापरवाही न केवल सदन की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित कर रही है। देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद जिम्मेदार उच्चाधिकारी लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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