==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==


ग्राम पंचायत अंडा में वित्तीय अनियमितता, फर्जी हस्ताक्षर और शासकीय राशि के गबन की निष्पक्ष जाँच एवं धारा 40 के तहत कार्रवाई के लिए शिकायत
1. मुख्य शिकायत विवरण (15वें वित्त आयोग की राशि में गड़बड़ी)
ग्राम पंचायत अंडा, जनपद पंचायत मालखरौदा, जिला – सक्ती (छ.ग.) में 15वें वित्त आयोग की राशि (Tied एवं Untied मद) के संबंध में गंभीर वित्तीय अनियमितता की शिकायत की गई है.
यह राशि निर्वाचित सरपंच (देवमती जाटवर) के स्थान पर उनके पति कमल जाटवर द्वारा शासकीय दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर/कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आहरित की गई है.
पंचायत में वास्तविक रूप से कोई कार्य नहीं कराया गया है, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग और गबन की गंभीर आशंका है.
2. प्रमुख जाँच बिंदु (मांगें)
ग्राम पंचायत अंडा को प्राप्त 15वें वित्त आयोग की राशि (Tied एवं Untied) की वर्षवार और मदवार जाँच की जाए.
आहरण एवं भुगतानों का बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया जाए कि राशि किस व्यक्ति/फर्म/खाते को दी गई है.
चेक, भुगतान वाउचर, प्रस्ताव, कार्यवाही रजिस्टर, कैशबुक और अन्य मूल दस्तावेजों की जाँच की जाए.
सरपंच के हस्ताक्षरों का वास्तविक हस्ताक्षरों से मिलान कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर हस्ताक्षर विशेषज्ञ से सत्यापन करवाया जाए.
कागजों में पूर्ण बताए गए कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन किया जाए और बिना कार्य कराए भुगतान की स्थिति में राशि की जाँच हो.
माप पुस्तिका (MB), तकनीकी/प्रशासनिक स्वीकृति, कार्यादेश, बिल-वाउचर और उपयोगिता प्रमाण-पत्र की जाँच की जाए.
3. कार्रवाई की मांग
जाँच में फर्जी हस्ताक्षर या बिना कार्य कराए राशि का गबन प्रमाणित होने पर, संबंधित व्यक्तियों से शासकीय राशि की वसूली की जाए और नियमानुसार दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई हो.
छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
जाँच पूर्ण होने तक पंचायत के मूल वित्तीय व अन्य अभिलेखों को सुरक्षित रखा जाए ताकि रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ न हो सके.
4. दूसरा मामला: टोवाल निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता (परमानंद लहरे द्वारा आवेदन)
विषय: ग्राम पंचायत अंडा में टोवाल निर्माण कार्य हेतु वर्ष 2024-25 में स्वीकृत ₹15.00 लाख में से लगभग ₹9.00 लाख राशि एक वर्ष पूर्व ही आहरित करने के बावजूद कार्य प्रारंभ न करने तथा गबन की जाँच कर सरपंच के विरुद्ध धारा 40 के तहत कार्रवाई करने बाबत.
विवरण: लगभग ₹9.00 लाख की राशि अगस्त 2025 में ही निकाल ली गई थी, किंतु एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्य नहीं कराया गया है, जो कि गंभीर वित्तीय अनियमितता है.
मांग: टोवाल निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की जाँच की जाए, निकाले गए ₹9.00 लाख के वित्तीय अभिलेखों की जाँच हो, और दोष सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की जाए.







