आंगनवाड़ी में बच्चों की दिनचर्या आने से लेकर घर जाने तक

==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==

आंगनवाड़ी में बच्चों की दिनचर्या आने से लेकर घर जाने तक

हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएँ बच्चों को खेल-खेल में बहुत सी अच्छी आदतें और अनुशासन सिखा रही हैं। आइए जानते हैं, बच्चा आंगनवाड़ी आने से लेकर घर जाने तक कौन से 10 सरल काम करता है:

आंगनवाड़ी में प्रवेश: बच्चा सुबह खुशी-खुशी आंगनवाड़ी केंद्र में प्रवेश करता है और कार्यकर्ता को “नमस्ते” या “गुड मॉर्निंग” कहता है।

प्रार्थना और सभा: सभी बच्चे और कार्यकर्ता मिलकर एक साथ गोल घेरे में खड़े होकर सुबह की प्रार्थना और योगासन करते हैं।

सफाई की जाँच: कार्यकर्ता बच्चों के नाखून, बाल और साफ-सुथरे कपड़ों की जाँच करती हैं ताकि व्यक्तिगत स्वच्छता बनी रहे।

हाथ धोना: मिड-डे मील या नाश्ते से पहले सभी बच्चे अपने शिक्षक की देखरेख में साबुन से अच्छी तरह हाथ धोते हैं।

पोषण और नाश्ता: बच्चे अनुशासन से बैठकर पौष्टिक नाश्ता और गरम खाना खाते हैं तथा भोजन बर्बाद न करने का नियम सीखते हैं।

पढ़ाई और अक्षर ज्ञान: बच्चे खेल-खेल में वर्णमाला, गिनती, रंगों के नाम और चित्रों वाली किताबें पढ़ना सीखते हैं।

रचनात्मक गतिविधियाँ: कार्यकर्ता बच्चों से कागज़ मोड़ना (ओरिगामी), चित्रकारी, मिट्टी से खिलौने बनाना और क्राफ्ट का काम करवाती हैं।

खेल का समय: बच्चे झूले झूलते हैं, गेंद खेलते हैं और पार्क में दौड़-भागकर शारीरिक विकास करते हैं।

आराम का समय: दोपहर में कुछ देर के लिए बच्चे शांत माहौल में बैठकर आराम करते हैं या कविताएँ सुनते हैं।

घर वापसी: छुट्टी होने पर सभी बच्चे अपना बैग संभालते हैं, मैडम को “बाय-बाय” कहते हैं और सुरक्षित अपने घर लौट जाते हैं।

हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएँ इन सभी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर पूरा ध्यान दे रही हैं।

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