जनगणना 2027, जांजगीर-चांपा में प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रारंभ

जिला ब्यूरो चीफ महेश बरेठ 9131974668

जनगणना 2027: जांजगीर-चांपा में प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रारंभ जांजगीर-चांपा 13 अप्रैल 2026। जनगणना 2027 की प्रक्रिया जिला जांजगीर-चांपा में प्रारंभ हो गई है। शासन के निर्देशानुसार आज से जिले के समस्त ब्लॉक मुख्यालयों और नगर पालिकाओं में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए प्रथम चरण मकानों की सूची और आवास जनगणना का गहन प्रशिक्षण आयोजित की गई। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा है कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें डेटा की शुद्धता और गोपनीयता सर्वाेपरि है। इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से मकान सूचीकरण और जनगणना के लिए निर्धारित नए मापदंडों की जानकारी दी जा रही है। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रगणकों को मोबाइल ऐप और पोर्टल के माध्यम से डेटा प्रविष्टि करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है।प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रगणक फील्ड में जाते समय प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट जानकारी दर्ज करें। डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर करने कहा गया। प्रत्येक आवासीय और गैर-आवासीय भवन की नंबरिंग और उसकी स्थिति (पक्का, कच्चा, खपरैल आदि) की सटीक पहचान करना। प्रत्येक वार्ड और गांव के लिए नजरी नक्शा तैयार करने की विधि सिखाई गई ताकि कोई भी क्षेत्र गणना से बाहर न रहे। कर्मचारियों को प्रशिक्षण में बताया गया कि नागरिक द्वारा दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जानी है और इसे केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाए। साथ ही प्रगणकों को सेंसस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में डेटा सिंक करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।अब नागरिक खुद कर सकेंगे अपनी गणना जिले में शासन के निर्देशानुसार आगामी जनगणना कार्यों को सुगम और सटीक बनाने के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब जिले के नागरिकों को गणना कर्मियों के घर आने का इंतजार नहीं करना होगा; वे स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
क्या है स्व-गणना अभिया नागरिक निर्धारित सरकारी पोर्टल ( https://se.census.gov.in/ ) पर लॉगिन करके अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी सुरक्षित तरीके से भर सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डेटा संकलन में पारदर्शिता लाना और समय की बचत करना है।स्व-गणना के लाभ स्व-गणना के माध्यम से परिवार का मुखिया स्वयं जानकारी भरता है, जिससे त्रुटि की संभावना कम हो जाती है। डेटा सीधे सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रहता है। नागरिक अपनी सुविधानुसार किसी भी समय (निर्धारित समयावधि के भीतर) जानकारी अपडेट कर सकते हैं। जिला प्रशासन सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे इस डिजिटल पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। स्व-गणना न केवल एक नागरिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह भविष्य की सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार भी है।

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