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सक्ति जिला डभरा क्षेत्र के ओडेकेरा धुरकोट-पेण्डरवा मिरौनी चौक चंद्रपुर मार्ग निर्माण हुआ बंद
जिला सक्ती के डभरा क्षेत्र के ऋण की हड्डी कहे जाने वाली सड़क ओडेकेरा – धुरकोट-पेण्डरवा- मिरौनी चौक – चंद्रपुर मार्ग निर्माण के लिए छ.ग. शासन ने अपने बजट वर्ष 2024-25 में लगभग 64 करोड़ रू की स्वीकृति प्रदान किया गया है , जिसके निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी – लैंड मार्क के सांथ लोक निर्माण विभाग का अनुबंध हुआ है ,कार्य प्रारंभ करने के लिए मार्च 2026 को कार्यादेश भी दे दिया गया है I
* कार्यादेश जारी होने के बाद निर्माण एजेंसी के द्वारा बिना राजस्व विभाग से निर्माण हेतु उपलब्ध भूमि की जानकारी प्राप्त किए अपनी मर्जी से शासकीय भूमि के सांथ भू-हक़ स्वामी की भूमि पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया एवं बिना वन विभाग से अनुमति लिए पेड़ों की कटाई भी कर दिया , विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों से जानकारी के लिए बात करने पर उनके द्वारा बताया गया की इन सभी बातों की जानकारी विभाग को नहीं है I
* मार्ग निर्माण कार्य से प्रभावित किसान एवं ग्राम वासियों के द्वारा जानकारी इस क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज डनसेना को दी गई जिससे उनके द्वारा तुरंत स्थल पहुँच कर प्रभावितों से बात करते हुए अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग ,सक्ती से बात करीं एवं बिना सीमांकन के पूर्व काम ना करने को कहा जिससे किसान व्यापारी वा ग्राम वासी प्रभावित ना हो , उसके बाद 06/04/2026 को अनु.अधिकारी लोक निर्माण विभाग द्वारा तहसीलदार डभरा , सक्ती को सीमांकन हेतु पत्र लिखा गया I
* जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज डनसेना निर्माण कार्य बंद किए जाने के संबंध में दिनांक 09/04/2026 को धुरकोट में बैठक रखा गया था , एवं आज दिनांक – 13/04/2026 को मार्ग में आने वाले समस्त गाँव के प्रभावितों के द्वारा बघौद में बैठक का आयोजन किया गया था जिसमे लोक निर्माण के इंजिनियर , राजस्व विभाग के कर्मचारी व जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे , शांति पूर्वक चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया की जब तक सीमांकन नहीं किया जाता तब तक निर्माण कार्य बंद रखा जाए जिस पर विभाग व निर्माण एजेंसी सहमत हुए
* जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज डनसेना के द्वारा कहा गया की पूर्व में भी लोक निर्माण विभाग के द्वारा सक्ती टुंडरी मार्ग का निर्माण भोले भाले गरीब किसानों की जमीन पर बिना मुवावजा दिए निर्माण कर चुकी है जिस कारण शासन पर से किसानों का भरोसा विश्वास उठ चूका है , अब किसान झूटे वादों पर भरोसा करने को तैयार नहीं








