रिपोर्टर खेमचंद महिलांगे 7974343059
सफलता की कहानी राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से बढ़ी सिंचाई सुविधा, किसान की आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा शैलो ट्यूबवेल एवं पंप स्थापना से वर्षभर खेती कर रहे किसान गणेशराम यादव
सक्ती, 15 जुलाई 2026/ कृषि विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत शैलो ट्यूबवेल घटक किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। इसी योजना का लाभ लेकर विकासखंड जैजैपुर के ग्राम कैथा निवासी प्रगतिशील कृषक श्री गणेशराम यादव ने अपनी खेती की तस्वीर बदल दी है। सिंचाई सुविधा के विस्तार से अब उनकी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। श्री गणेशराम यादव के पास कुल 3 एकड़ कृषि भूमि है। पूर्व में उनकी केवल 2 एकड़ भूमि पर ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि शेष 1 एकड़ भूमि वर्षा पर निर्भर थी। सिंचाई के अभाव में वे मुख्य रूप से खरीफ मौसम में धान की खेती करते थे तथा रबी मौसम में पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं होने के कारण खेती करने में असमर्थ रहते थे। इससे उस भूमि पर नियमित खेती करना कठिन था तथा फसल उत्पादन और आय भी सीमित रहती थी। कृषि विभाग से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के शैलो ट्यूबवेल घटक की जानकारी मिलने पर उन्होंने योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन किया। पात्रता के आधार पर उन्हें ट्यूबवेल खनन के लिए 5 हजार रुपये तथा पंप स्थापना के लिए 15 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। अनुदान की सहायता से उन्होंने अपने खेत में शैलो ट्यूबवेल और पंप की स्थापना कराई, जिससे उनकी असिंचित 1 एकड़ भूमि भी सिंचाई सुविधा से जुड़ गई। योजना का लाभ मिलने के बाद अब वे पूरे 3 एकड़ क्षेत्र में समय पर बुवाई एवं सिंचाई कर रहे हैं। वर्तमान में वे खरीफ मौसम में धान तथा रबी मौसम में पूरे क्षेत्र में गेहूं की खेती कर रहे हैं। समय पर सिंचाई उपलब्ध होने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि हुई है, वहीं कृषि आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्री गणेशराम यादव बताते हैं कि शासन की इस योजना से उन्हें स्थायी सिंचाई सुविधा मिली है, जिससे वे वर्षभर बेहतर ढंग से खेती कर पा रहे हैं। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी हुई है और कई किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। उप संचालक कृषि, सक्ती ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत शैलो ट्यूबवेल घटक का उद्देश्य किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादन क्षमता एवं आय में वृद्धि करना है। योजना के माध्यम से शैलो ट्यूबवेल खनन एवं पंप स्थापना पर अनुदान प्रदान किया जाता है। कृषि विभाग अधिक से अधिक पात्र किसानों को इस योजना से जोड़कर सिंचित क्षेत्र और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।







