==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==

नवा रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के स्कूलों के बेहतर संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब सभी स्कूलों में ‘विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति’ (SMDC) की जगह ‘विद्यालय प्रबंधन समिति’ (SMC) का गठन किया जाएगा। यह निर्देश भारत सरकार द्वारा 6 मई, 2026 को जारी “Guideline for SMCs-2026” के अनुक्रम में दिए गए हैं।
समिति का गठन और संरचना
प्रत्येक स्कूल में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर इस समिति का गठन करना अनिवार्य होगा। समिति की संरचना इस प्रकार होगी:
अभिभावकों की भागीदारी: समिति में कुल सदस्यों का 75 प्रतिशत हिस्सा विद्यार्थियों के अभिभावकों या संरक्षकों का होगा।
अन्य सदस्य (25 प्रतिशत): इसमें एक तिहाई स्थानीय प्राधिकरण के निर्वाचित सदस्य, एक तिहाई स्कूल के शिक्षक और शेष एक तिहाई शिक्षाविद्, विषय विशेषज्ञ या स्थानीय समुदाय के सक्रिय कार्यकर्ता (जैसे आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, एएनएम) शामिल होंगे।
महिला प्रतिनिधित्व: समिति में कुल सदस्य संख्या का 50 प्रतिशत महिला सदस्य होना अनिवार्य है।
कार्यकाल और बैठकें
समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा।
हर महीने कम से कम एक बैठक आयोजित करना अनिवार्य है।
किसी भी निर्णय की वैधता के लिए कुल सदस्यों की कम से कम 50 प्रतिशत उपस्थिति (कोरम) आवश्यक है।
महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
नई समिति स्कूल के नामांकन, ड्रॉप-आउट बच्चों को मुख्यधारा में लाने, शैक्षणिक योजना बनाने और बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान (FLN) लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहयोग करेगी। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन समिति 1 लाख रुपये तक की लागत वाले निर्माण और मरम्मत कार्यों को स्वयं निष्पादित कर सकेगी।
पारदर्शिता पर जोर
समिति द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण सूचना पटल या डिजिटल माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।







