रिपोर्टर सुमन खूंटे 9981543471 


खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले में उर्वरक एवं बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों से अपील किया गया है कि आवश्यकतानुसार जल्द से जल्द उठाव करे
सक्ती, 23 जून 2026// आगामी खरीफ सीजन 2026-27 को ध्यान में रखते हुए जिले में किसानों को समय पर एवं सुगमता से उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में जिले में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों एवं प्रमाणित बीजों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है। जिले में अब तक कुल 37,015.57 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 22,653.25 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। वर्तमान में 14,362.32 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
उपलब्ध भंडारण में यूरिया 20,992.52 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 4,813.00 मीट्रिक टन, पोटाश 805.00 मीट्रिक टन, डीएपी 3,212.20 मीट्रिक टन तथा एनपीके 7,192.85 मीट्रिक टन शामिल है। वहीं किसानों को अब तक यूरिया 13,265.10 मीट्रिक टन, एसएसपी 2,349.00 मीट्रिक टन, पोटाश 472.60 मीट्रिक टन, डीएपी 2,072.50 मीट्रिक टन एवं एनपीके 4,494.05 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। खरीफ वर्ष 2026 हेतु जिले को 24,255 क्विंटल बीज का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध 22,660.20 क्विंटल बीज का भंडारण समितियों में किया जा चुका है तथा 17,265 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है। साथ ही सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का क्रय करें तथा संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाएं। विभाग द्वारा वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त आवंटन एवं आपूर्ति की कार्यवाही भी सतत जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराया जा सके। किसानों से अपील किया गया है कि आवश्यकतानुसार उर्वरक एवं बीज का समय पर उठाव करें। संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाएं एवं वैकल्पिक उर्वरकों का भी उपयोग करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।








