छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब और बेमौसम बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान

==चैनल प्रमुख हलधर रात्रे 7974343059==

छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब और बेमौसम बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान

छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब’ और बेमौसम तूफानी बारिश के कारण खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसलों और कटाई के बाद रखी उपज को भारी क्षति पहुँची है। तेज हवाओं और जलभराव के चलते धान के पौधे गिर गए हैं, जिससे दानों के सड़ने और खराब होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

किसानों को राहत देने और नुकसान से बचाव के लिए शासन-प्रशासन द्वारा निम्नलिखित मुख्य कदम एवं दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

1. सरकारी सर्वे एवं मुआवजे की घोषणा

त्वरित क्षति सर्वे: राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बारिश थमते ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वे कराया जाएगा।

मुआवजे का आश्वासन: सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के पश्चात प्रभावित किसानों को राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) तथा सरकारी नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत क्लेम की प्रक्रिया

यदि आपकी फसल योजना के अंतर्गत बीमित है, तो क्लेम प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करें:

72 घंटे के भीतर सूचना: फसल में नुकसान होने के 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी, स्थानीय कृषि अधिकारी या टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

आवश्यक दस्तावेज़ एवं साक्ष्य:

प्रभावित खेत और फसल की स्पष्ट तस्वीरें व वीडियो बनाएं।

खसरा, बी-1 और बीमा आवेदन से संबंधित सभी दस्तावेज़ सुरक्षित रखें।

3. कृषि विभाग द्वारा जारी मुख्य एडवाइजरी (फसल बचाव के उपाय)

कृषि विभाग ने किसानों को नुकसान से बचने के लिए तुरंत ये कदम उठाने की सलाह दी है:

खेतों से जल निकासी: खेतों में जमा पानी को तुरंत बाहर निकालने के लिए नालियों (ड्रैनेज) की व्यवस्था करें, ताकि फसल गलने से बच सके।

कटाई स्थगित करें: पकी हुई फसलों (धान, दलहन, तिलहन) की कटाई मौसम पूरी तरह साफ होने तक (अगले 2 से 4 दिन) के लिए टाल दें।

कटी हुई फसल का सुरक्षामूलक रखरखाव: कटी हुई उपज को किसी हवादार व सूखे स्थान पर ढककर रखें। गीली फसल का ढेर बनाकर न रखें, इससे सड़न बढ़ सकती है।

कीटनाशक व खाद का छिड़काव रोकें: मौसम साफ होने और अच्छी धूप निकलने तक किसी भी प्रकार के रासायनिक छिड़काव या खाद के प्रयोग से बचें।

रबी बुवाई पर रोक: गेहूं, चना या उतेरा फसलों की बुवाई फिलहाल रोक दें और इसे नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करें।

📞 सहायता एवं संपर्क हेतु जानकारी

फसल नुकसान दर्ज कराने या किसी भी प्रकार के तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान भाई तुरंत अपने क्षेत्र के:

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO)

नजदीकी कृषि कार्यालय

तहसील कार्यालय या पटवारी से संपर्क करें।

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